Sound File Format in Hindi – साउंड फाइल फॉर्मेट क्या है?

साउंड फाइल फॉर्मेट को ऑडियो फाइल फॉर्मेट भी कहा जाता है। यह एक ऐसा फाइल फॉर्मेट है जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर या दूसरी डिवाइस पर ऑडियो या साउंड को स्टोर करने के लिए किया जाता है।

साउंड को किसी कंप्यूटर या फोन में स्टोर करने के लिए अलग-अलग फाइल फॉर्मेट की आवश्यकता होती है।

Types of Sound File Format in Hindi – साउंड फाइल फॉर्मेट के प्रकार

साउंड फाइल फॉर्मेट को मुख्य रूप तीन भागो में बाटा गया है

  1. Uncompressed Sound Format
  2. Lossy Compressed Sound Format
  3. Lossless Compressed sound Format

1- Uncompressed Sound Format

वह साउंड फॉर्मेट जिसे compress नही किया गया होता उसे Uncompressed Audio Format कहते हैं। Uncompressed होने की वजह से इस साउंड फॉर्मेट का साइज़ बहुत बड़ा होता है।

कुछ Uncompressed file format नीचे दिए गए हैं –

I). PCM

PCM का पूरा नाम Pulse-Code Modulation (पल्स-कोड मॉड्यूलेशन) होता है। इसका इस्तेमाल एनालॉग सिग्नल को डिजिटल रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है।

आसान शब्दो में कहे तो “यह एक साउंड फाइल फॉर्मेट है जिसका इस्तेमाल एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में बदलने के किया जाता है।”

PCM का उपयोग ज्यादातर सीडी (CDs) और डीवीडी (DVDs) में किया जाता है। इसे लीनियर पल्स-कोड मॉड्यूलेशन के नाम से भी जाना जाता है।

(II). WAV

WAV का अर्थ वेवफॉर्म (Waveform) होता है। यह एक साउंड फाइल फॉर्मेट जिसे 1991 में माइक्रोसॉफ्ट और IBM (आईबीएम) के द्वारा विकसीत (develop) किया गया था।

WAV का ज्यादातर इस्तेमाल मूवी और फिल्मों के साउंड को स्टोर करने के लिए किया जाता है क्योंकि यह बेहतर क्वालिटी का साउंड प्रदान करता है। यह window और MAC दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है।

(III). AIFF

इसका पूरा नाम Audio Interchange File Format (ऑडियो इंटरचेंज फाइल फॉर्मेट) है। यह एक साउंड फॉर्मेट है जिसे Apple के द्वारा 1988 में विकसीत किया गया।

इस साउंड फॉर्मेट को MAC सिस्टम के लिए विकसीत किया गया था। हालांकि यह विंडोज और MAC दोनों को सपोर्ट करता है।

WAV फ़ाइलों की तरह, AIFF फ़ाइलों में भी कई प्रकार के ऑडियो होते है। इसमें PCM फॉर्मेट में uncompressed audio होता है।

2- Lossy Compressed Sound Format (लोसी फाइल फॉर्मेट)

वह साउंड फॉर्मेट जिसको compress करने के बाद साउंड की क्वालिटी कम हो जाती है अर्थात साउंड की क्वालिटी में नुकसान होता है उसे Lossy Compressed Sound Format कहते हैं।

इसमें साउंड या ऑडियो को कंप्रेस करने के बाद ऑडियो फाइल का साइज़ बहुत कम हो जाता है। हम हमेशा uncompressed files को स्टोर करके नही रख सकते क्योंकि इनका साइज़ बहुत अधिक होता है इसलिए हमें साउंड को कॉम्प्रेस करना पड़ता है।

(I). MP3

MP3 की फुल फॉर्म MPEG Audio Layer 3 होती है। MP3 एक तकनीक है जिसे 1993 में MPEG (मूविंग पिक्चर एक्सपर्ट्स ग्रुप) के द्वारा develop किया गया था। यह एक ऐसी विधि (method) है जिसका इस्तेमाल sound sequence (ध्वनि अनुक्रम) को छोटी फ़ाइल में बदलने के लिए किया जाता है।

MP3 फाइलों को बहुत कम मेमोरी स्पेस की आवश्यकता पड़ती है क्योकि इनका आकार काफी छोटा होता है। इन फाइलों का इस्तेमाल गाने या पुरे CD डेटा को रखने के लिए किया जाता है।

एक कंप्यूटर में हजारो MP3 फाइलों को स्टोर किया जा सकता है क्योकि इनका आकार बहुत छोटा होता है। यह संगीत फ़ाइलों (music files) के लिए एक लोकप्रिय ऑडियो फॉर्मेट होता है। MP3 का मुख्य उदेश्य उन sound को हटाना है जो मानव के कानो को नुकसान पंहुचा सकती है या उनके सुनने योग्य नहीं है।

(II). AAC

AAC का पूरा नाम Advanced audio coding (एडवांस्ड ऑडियो कोडिंग) है। इसका अविष्कार1997 में MP3 के बाद किया गया था। AAC फाइलों को कंप्रेस करने के लिए जिन algorithm का उपयोग किया जाता है वह MP3 की तुलना में अधिक जटील (complex) होते है।

एडवांस ऑडियो कोडिंग में साउंड की क्वालिटी काफी अच्छी होती है। इसका उपयोग YouTube, Android, iOS, iTunes और PlayStations के द्वारा किया जाता है।

(III). WMA

WMA का पूरा नाम Windows Media Audio (विंडोज मीडिया ऑडियो) है। इसका आविष्कार माइक्रोसॉफ्ट ने 1999 में किया था। इसका इस्तेमाल विंडोज पर किया जाता है।

इसे MP3 की कुछ कमियों को दूर करने के लिए बनाया गया है। इसका अर्थ यह है की MP3 ऑडियो फॉर्मेट जो कमिया है वो WMA में नहीं होंगी।

क्वालिटी के मामले में यह MP3 से बेहतर है। हलाकि इसका उपयोग बहुत कम किया जाता है क्योकि बहुत से डिवाइस और प्लेटफार्म इसे सपोर्ट नहीं करते।

    3- Lossless Compressed Sound compression (लॉसलेस साउंड कंप्रेशन)

    वह साउंड फॉर्मेट जिसको compress करने के बाद साउंड की क्वालिटी कम नहीं होती अर्थात साउंड की क्वालिटी में कोई नुकसान नहीं होता है उसे Lossless Compressed Sound Format कहते हैं।

    इसमें audio file का साइज़ भी कम हो जाता है और इसकी क्वालिटी भी कम नहीं होती।

    (I). FLAC

    FLAC का पूरा नाम Free Lossless Audio Codec (फ्री लॉसलेस ऑडियो कोडेक) है। इसमें 50% तक साउंड को कॉम्प्रेस करने के बाद भी क्वालिटी का loss नहीं होता है। यह एक लोकप्रिय विधि है। इस विधि का अविष्कार 2001 के शुरुआत में किया गया था। यह सभी डिवाइस और कंप्यूटर को सपोर्ट करता है।

    (III). ALAC

    इसका पूरा नाम Apple Lossless Audio Codec (एप्पल लॉसलेस ऑडियो कोडेक) होता है। इसका आविष्कार 2004 में Apple के द्वारा किया गया था। इसे हम Apple लॉसलेस भी कह सकते है। यह FLAC से थोड़ा कम कुशल (efficient) होता है।

    Leave a Comment

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Scroll to Top