हार्ड डिस्क ड्राइव से संबंधित दोषों का निवारण (Troubleshooting defects related to Hard Disk Drive)

औज़ार/उपकरण (Tools/equipment)

  • Windows PC
  • Hard disc drive
  • हर्ड डिस्क रिपेपर की उपयोगिता
  • सकूड्राइबर सेट
  • डिजिट  मल्टीमीटर

प्रक्रिया (PROCEDURE)

टास्क  1: HDD से संबंधित दोषो  की पहचान ओर समाधान

  1. हार्ड ड्राइन डिटेक्ट न हो (Hard drive not detected) यह सुनिक्षित करने के लिए कि वे ठीक से  कनेक्ट हुए है, पॉवर  और डेटा केबलों की जाच करें। यदि केबल  समस्यया नहीं है, तो हार्ड ड्राइव में दोषपूर्ण मोटर  या हेड हो सकता है। इस स्थिति में, मोटर या  हेड को बदलें ।
  2. हार्ड ड्राइन से क्िक या ग्रैइडिंग की अबाजे आना (Hard drivemaking clicking or grinding noise) यह फाल्ट हेड मोटर के कारण होता है। इस स्थितति में, मोटर या हेड को बदले 
  3. हार्ड ड्राइव न घुमे (Hand drive not spinning)इसका कारण खराब मोटर है, मोटर बदले
  4. हार्ड ड्राइस PCB विफलता (Hard drive PCB failure)PCB (प्रिंट सर्किट बोर्ड) विफल हो जाता है: हो सकता है कि हर्ड ड्राइव काम न करे या कंप्यूटर  उसे पहचान न सके। PCB को किसी संगत PCB से बदलने  का प्रयास करें।
  5. हार्ड ड्राइव पर खराब सेक्टर (Bad sectors on hard drive)यदि हार्ड ड्राइव में खराब सेक्टर है, तो इससे डेटा हानि या  अन्य समस्या हो  सकती हैं। डिल्क रिपेयर उपयोगिता का उपपोग करके खराब सेक्टर को रिपेयरिंग करने का प्रयास करें, लेकिन यदि क्षति गंभीर है तो आपको हार्ड ड्राइव  को बदलने  की आवश्यकता हो सकती है।

टासक 2 HDD में मोटर और हेड को बदलना

  1.  कंप्यूटर  से हार्ड ड्राइव  निकालें
  2. हार्ड ड्राइव  को अलग करें। इसमें बाहरी केसिंग को हटाना शामिल  है, जिसके लिए स्कू हटाने या प्लास्टिक किलिप को तोड़ने की आवश्यकता हो सकती है।
  3. मोटर  का पता लगाई। मोटर उन प्लैटरों से  जुड़ा होगा जो डेटा स्टोर करते है और हार्ड ड्राइव  के केंद्र में स्थिल होगे।
  4. मोटर  को सर्किट बोर्ड और प्लेटर्स से डिस्कनेक्ट करें।
  5. मोटर को एक नई मोटर से बद़ते जिसमें पुरानी मोटर को  अपनी जगह पर रखने वाते बायारो  या स्कू  को फिर से जोड़ना शामित है।
  6. हेड असेबली का पता लगाए जो एक छोटा  कम्पोनेंट है जो डेटा को रीड करने  सके और लिखने के लिए प्लेटर पर चलता है।
  7. हर्ड ड्राइव से हेड अरसेबली को सवधनीपूर्वक हटा दें। इसमें स्क्रू को हटाना और उन वायार  को डिल्कनेक्ट करना शमित है जो हेड असेम्बली को हार्ड ड्राइव से जोड़ते हैं।
  8. नई हेड असेंबली को सावधानीपूर्वक उसी स्थान पर इनस्टाल करें जहाँ पुरानी अ्सेबली स्थित थी। इसमें हेड असेबली को सुरक्षित करने के लिए बायर को जोड़ना और स्कू  को फिर सै कनैक्ट करना शामित है।
  9. हर्ड ड्राइव को फिर से एकत्रित करें जिसमें वाहरी केशिंग को वापस उसकी जगह पर लगाना और हटाए   गए अन्य घटकों को फिर से कनेक्ट करना शामिल है।
  10. यह सुनिक्षित करने के लिए हार्ड ड्राइव  का परीक्षण करें कि यह ठीक से  काम कर रहा है। यह सुनिक्षित करने के लिए कि यह अपेक्षा के अनुरूप काम कर रहा है, इसे  कंप्यूटर  से कनैक्ट करें और दयोग्रफिक सॉफ्टवेर चलाए।

टास्क 3- दोपपूर्ण HDD पर PCB को बदलना

  1. 1 एक संगत PCB प्राप्त करें। सुनिक्षित करें कि PCB आपकी हार्ड ड्राइव के लिए सही मॉडल और संशोधन संख्या है, क्योंकि अर्सगत PCB का उपयोग करने से ड्राइव को और अधिक नुकसान हो सकता है।
  2. दोषपूर्ण PCB को खोलकर हटा दे और इसे हार्ड ड्राइव से डिसकनेक्ट कर दे। किसी भी अन्य घटक को नुकसान पहुँचाने से बचने के लिए PCB और हार्ड ड्राइव को सावधानी से सभलना सूनिश्चित  करें।
  3. नए PCB को हार्ड ड्राइव से कनेक्ट करके और जगह पर स्कू करके इन्स्टात करें। सुनिश्चित करें कि सभी कनेक्टर ठीक से लगे हुए और सुरक्षित हैं।
  4. जांचे कि नया PCB ड्राइव के साथ संगत है या नहीं, यह सुनिश्चित करें कि निर्माता के निर्देशों का सवधानीपूर्वक पालन किया जाए।
  5. यह सुनिश्चित करने के लिए हार्ड ड्राइव का परीक्षण करें कि यह ठीक से काम कर रहा है। त्रुटियों की जाँच करने के लिए डिस्क उपयोगिता का उपयोग करें और किसी भी खरब सैक्टर का पता लगाने के लिए पूर्ण सलत पर स्कैन चलाये।
  6. अपने कंप्यूटर मे HDD को पुन: ईस्टाल करें।

सावधानियां (Precautions)

  • डेटा बैकअप: हार्ड डिस्क को फॉर्मेट या डिलीट करने से पहले अपने महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप जरूर लें, क्योंकि इस प्रक्रिया से सारा डेटा हमेशा के लिए मिट सकता है।
  • सही डिस्क का चयन: फॉर्मेटिंग या पार्टीशन डिलीट करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने सही डिस्क चुनी है, ताकि गलती से किसी अन्य ड्राइव का डेटा न उड़े।
  • सिस्टम पार्टीशन की सुरक्षा: कभी भी ‘System Reserved’ या उस पार्टीशन को डिलीट न करें जिसमें ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows/Linux) इंस्टॉल है।
  • बिजली की आपूर्ति: डिस्क प्रबंधन (Disk Management) के दौरान कंप्यूटर बंद नहीं होना चाहिए; सुनिश्चित करें कि बिजली की आपूर्ति निरंतर बनी रहे।
  • एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस: इन कार्यों को करने के लिए आपके पास सिस्टम के ‘Administrator’ अधिकार होने चाहिए।

परिणाम (Result)

हार्ड डिस्क के सही प्रबंधन से स्टोरेज की दक्षता (Efficiency) बढ़ती है, डेटा व्यवस्थित रहता है और कंप्यूटर की परफॉरमेंस में सुधार होता है।

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